मेरा मान है तु हनुमान है तु आग अगर है तो तु सैलाब है तो तु किसी वक़्त से आगे उठीं आस है तो तु जलजला अगर मुझमें कहीं है तो तुझ से बेचैनी अगर सीने में तो तेरे आवाज़ से है दहाड़ इस शहर में सिर्फ़ तेरे नाम की जोश अगर कहीं है नज़र आता तो तेरे पास से गुज़रे हालत से है मेरा मान है तु मेरा हनुमान है तु